वन विहार में दुरूस्त हो रही हरदा से लाए घायल बाघ की सेहत
भोपाल
वन विहार में हरदा से लाये गए बाघ की सेहत में अब सुधार आने लगा है उसको जब यहां पर लाया गया था तो उसका मूवमेंट कम हो गया था और उसके पैर और रीढ़ की हड्डी की चोटें उसको खड़ा नहीं होने दे पा रही थी। इस समय आईसीयू में रखकर उसका इलाज शुरू कर दिया गया था।
हरदा की रहटगांव रेंज में इंसानों पर हमला करने वाले बाघ को रेस्क्यू कर वन विहार लाया गया था। 190 किलो वजनी इस बाघ पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया है। उसे जलाने की कोशिश भी की गई। शरीर पर कई घाव हैं और स्किन भी जल गई है। वन विहार के डिप्टी डायरेक्टर अशोक जैन का कहना है कि बाघ के पैरों की चोटें ठीक होने लगी हैं और वह खड़ा होने लगा और डाइट भी ले रहा है।
केलझिरी बीट के जंगल में बाघ ने तीन दिन पहले दो लोगों पर हमला किया था। केलझिरी निवासी रतन कोरकू पर हमला कर दिया। रतन चिल्लाया तो मदद के लिए मनोहर और रामजीवन वहां पहुंचे। तब तक रतन की मौत हो चुकी थी। इसके बाद सर्चिंग पर निकले प्रभारी वनरक्षक हरिओम जगनवार पर भी बाघ ने हमला कर उसका पैर दबोच लिया था।

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